संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक: नगपुरा की चित्ररेखा धुरी बनीं ‘लखपति दीदी’, स्व-सहायता समूह से बदली जिंदगी

Social Activity BSP

बिलासपुर, 05 मार्च 2026(Social Activity BSP)। मजबूत इरादों और सरकारी योजनाओं के सहयोग से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करते हुए जनपद पंचायत बिल्हा के ग्राम पंचायत नगपुरा की चित्ररेखा धुरी आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी हैं। भैंसबोड़ क्लस्टर के अंतर्गत संस्कार स्व-सहायता समूह से जुड़ी चित्ररेखा ने सीमित संसाधनों और संघर्षपूर्ण जीवन से आगे बढ़ते हुए सफलता की नई कहानी लिखी है।

समूह से जुड़ने से पहले चित्ररेखा धुरी के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी सामान्य थी। घरेलू जिम्मेदारियों और सीमित आय के कारण परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना के तहत संस्कार समूह से जुड़कर उन्होंने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया।

समूह से ऋण प्राप्त कर चित्ररेखा ने ई-रिक्शा खरीदा और इसके संचालन की जिम्मेदारी अपने पति को दी। ई-रिक्शा से नियमित आय शुरू होने के बाद उन्होंने सिलाई कार्य भी आरंभ किया। गांव की महिलाओं और बच्चों के कपड़े सिलकर वे अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने लगीं। इसके साथ ही उन्होंने अपने घर के पास सब्जी बाड़ी तैयार कर मौसमी सब्जियों का उत्पादन भी शुरू किया, जिससे घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ बाजार में बिक्री से भी लाभ मिलने लगा।

तीनों गतिविधियों से आय के स्रोत मजबूत हुए और धीरे-धीरे उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई। आज चित्ररेखा धुरी आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ ही अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं।

चित्ररेखा बताती हैं कि उन्हें महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी छोटी-छोटी जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जनहितैषी योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर कई महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

चित्ररेखा की सफलता की कहानी गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित कर रही है।




Social Activity BSP👈

रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




Click here 👆👆

Post a Comment

Previous Post Next Post