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बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। थाना सिविल लाइन में दर्ज सोशल मीडिया पोस्ट विवाद मामले में आरोपी जितेंद्र कुमार बंजारा को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ राहत प्रदान की है।
यह मामला अपराध क्रमांक 179/26 से जुड़ा है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 196, 296, 299, 302, 351 और 352 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो वायरल कर समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश की गई।
जमानत मिलने के बाद जितेंद्र बंजारा ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। बिना सुनवाई के एफआईआर दर्ज करना न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए रिपोर्टकर्ता डॉ. संजय बंजारे और बसंत अंचल पर भी आरोप लगाए कि कुछ लोग राजनीतिक संरक्षण में विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
जितेंद्र बंजारा ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि उस सोच के खिलाफ है जो समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटती है। उन्होंने यह भी कहा कि वे संविधान में मिले अधिकारों के तहत अपनी बात रख रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 वर्षों से उनके कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होते रहे हैं, लेकिन हर बार कुछ बाहरी तत्व आकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। विरोध करने पर उनके खिलाफ मामले दर्ज कर दिए जाते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि कानून सभी के लिए समान है, तो शांति भंग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल, अदालत से मिली राहत के बाद यह मामला कानूनी दायरे से निकलकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बनता नजर आ रहा है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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