Social Activity BSP
बिलासपुर (Social Activity BSP)। पुलिस व्यवस्था को और अधिक सशक्त, संवेदनशील और जनहितकारी बनाने की दिशा में बिलासपुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने एक सराहनीय और अभिनव पहल की है। आधुनिक तकनीक के उपयोग के बाद अब पुलिस विभाग ने अपने अनुभवी रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को भी सक्रिय भूमिका में शामिल करने का निर्णय लिया है।
इस पहल के तहत पुलिस मैदान स्थित बिलासा गुड्डी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में वर्तमान पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति रही। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह, पुलिस लाइन डीएसपी मंजूलता केरकट्टा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
🔹 रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
बैठक में SSP रजनेश सिंह ने रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को नई जिम्मेदारियां देते हुए कहा कि उनका अनुभव विभाग और समाज के लिए अमूल्य है। इनका मुख्य उद्देश्य होगा:
- कानून-व्यवस्था को मजबूत करना
- समाज में जागरूकता बढ़ाना
- पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना
🔹 जिलेभर में करेंगे सक्रिय सहयोग
नई व्यवस्था के तहत रिटायर्ड पुलिसकर्मी अपने अनुभव के आधार पर कई महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान देंगे, जैसे:
- स्थानीय स्तर पर निगरानी और सूचना साझा करना
- सामाजिक विवादों के समाधान में सहयोग देना
- युवाओं को अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित करना
- पुलिस की जनसंपर्क गतिविधियों को मजबूत करना
🔹 रिटायर्ड कर्मियों में दिखा उत्साह
इस पहल को लेकर सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों में खासा उत्साह देखा गया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज और पुलिस विभाग की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है।
🔹 पहले ड्रोन तकनीक, अब अनुभव का सहारा
बिलासपुर पुलिस द्वारा पहले ही ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पुलिसिंग को सुदृढ़ किया जा चुका है। अब अनुभवी रिटायर्ड कर्मियों को जोड़कर इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
🔹 पुलिस-जनता के रिश्ते होंगे और मजबूत
इस नई पहल से न केवल पुलिस व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम जनता का भरोसा भी बढ़ेगा। अनुभवी और सम्मानित रिटायर्ड पुलिसकर्मी समाज और पुलिस के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरेंगे।
कुल मिलाकर, बिलासपुर पुलिस की यह पहल एक नए मॉडल के रूप में सामने आ रही है, जिसे भविष्य में अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद


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