Social Activity BSP
बिलासपुर, 22 अप्रैल 2026। सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए यातायात पुलिस बिलासपुर ने वाहन चालकों के लिए विशेष सुरक्षा संदेश जारी किया है। विश्लेषण में सामने आया है कि अधिकांश दुर्घटनाएं सीट बेल्ट और हेलमेट का उपयोग नहीं करने तथा तेज रफ्तार के कारण हो रही हैं।
यातायात पुलिस ने बताया कि कार चालकों के लिए आगे ही नहीं बल्कि पीछे की सीट पर बैठे यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। नई गाड़ियों में चाइल्ड सीट बेल्ट और अलार्म/बीप जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जिनसे छेड़छाड़ करना खतरनाक साबित हो सकता है।
सीट बेल्ट में प्री-टेंशनर और फोर्स लिमिटर जैसी तकनीकें होती हैं, जो दुर्घटना के समय शरीर को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। लेकिन जागरूकता की कमी के कारण लोग इन सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे एयरबैग भी सही तरीके से काम नहीं कर पाता।
दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अत्यंत जरूरी बताया गया है। पुलिस के अनुसार, हॉफ फेस हेलमेट की तुलना में फुल फेस आईएसआई मार्क हेलमेट अधिक सुरक्षित होता है और गंभीर चोटों से बचाता है।
यातायात विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मोटरयान अधिनियम के तहत हेलमेट नहीं पहनने पर ₹500 तथा बार-बार उल्लंघन पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाता है। इसी तरह सीट बेल्ट नहीं लगाने पर भी चालान का प्रावधान है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल चालान के डर से नहीं बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें। साथ ही “ट्रैफिक सेंस” विकसित कर सुरक्षित ड्राइविंग की आदत अपनाएं।
यातायात पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें स्कूल, कॉलेज, व्यापारिक संस्थान और आम नागरिकों को शामिल किया जा रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर “हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं” जैसे अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी और जागरूकता का विषय है। सभी वाहन चालकों से अपील है कि यात्रा के दौरान हमेशा सीट बेल्ट और हेलमेट का उपयोग करें, ताकि दुर्घटनाओं में जान-माल की हानि को कम किया जा सके।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




.jpeg)

