सरगुजा को तकनीकी शिक्षा की बड़ी सौगात: शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर में शुरू होंगे MBA, विशेष BTech और MTech कोर्स

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अंबिकापुर (Social Activity BSP)।

सरगुजा संभाग के विद्यार्थियों, तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत युवाओं और उच्च शिक्षा की तलाश कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से अब अंबिकापुर में ही प्रबंधन और उच्च तकनीकी शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC) अंबिकापुर को कई नए व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों की मंजूरी प्रदान कर दी है।

इस मंजूरी के बाद कॉलेज में MBA, नौकरीपेशा युवाओं के लिए विशेष BTech कोर्स और विभिन्न तकनीकी विषयों में MTech पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसे सरगुजा जैसे आदिवासी और दूरस्थ अंचल के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज से अब शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज

अब तक विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के रूप में संचालित यह संस्थान अब आधिकारिक तौर पर शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC), अंबिकापुर के नाम से जाना जाएगा। कॉलेज प्रशासन ने इसे संस्थान की स्वतंत्र पहचान और क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा को नई मजबूती देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।

कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि नए पाठ्यक्रमों और नई पहचान के साथ संस्थान आने वाले समय में सरगुजा संभाग में तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

MBA की पढ़ाई अब अंबिकापुर में ही

AICTE ने कॉलेज में MBA पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति प्रदान की है, जिसमें 30 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। अब प्रबंधन शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को रायपुर, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

स्थानीय स्तर पर MBA की सुविधा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्र के युवाओं को करियर निर्माण में नई दिशा मिलेगी।

नौकरी के साथ पढ़ाई: विशेष BTech कोर्स को मंजूरी

तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत युवाओं के लिए AICTE ने विशेष BTech पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की है। इन कोर्सों का उद्देश्य ऐसे कर्मचारियों और तकनीकी पेशेवरों को अवसर देना है, जो नौकरी के साथ अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाना चाहते हैं।

स्वीकृत विशेष BTech पाठ्यक्रम:

🔹 सिविल इंजीनियरिंग – 30 सीट
🔹 इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग – 30 सीट
🔹 माइनिंग इंजीनियरिंग – 30 सीट

इन कोर्सों से उद्योगों, खदानों और तकनीकी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और कौशल बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

तीन विषयों में शुरू होंगे MTech कोर्स

महाविद्यालय में विशेष MTech पाठ्यक्रमों की भी शुरुआत की जाएगी। AICTE ने तीन प्रमुख तकनीकी विषयों में 15-15 सीटों की मंजूरी दी है—

🔹 माइनिंग इंजीनियरिंग – 15 सीट
🔹 पावर सिस्टम एंड कंट्रोल – 15 सीट
🔹 स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग – 15 सीट

इन पाठ्यक्रमों के शुरू होने से तकनीकी अनुसंधान, विशेषज्ञता और उच्च स्तरीय तकनीकी दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही क्षेत्रीय उद्योगों और संस्थानों को प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेगा।

प्रदेश का पहला शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज

कॉलेज प्रबंधन के अनुसार शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर अब छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय बन गया है, जहां एक साथ MBA, कार्यरत पेशेवरों के लिए तीन विशेष BTech और तीन MTech कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।

यह उपलब्धि न केवल कॉलेज बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए गर्व और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

जुलाई 2026 से शुरू होंगी कक्षाएं

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार सभी नए पाठ्यक्रमों की कक्षाएं जुलाई 2026 से प्रारंभ की जाएंगी। प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता और अन्य दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

शिक्षकों और छात्र संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगारपरक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा।

आदिवासी और ग्रामीण युवाओं को मिलेगा सबसे अधिक लाभ

नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ सरगुजा संभाग के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है। अब उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए बड़े शहरों में जाने की मजबूरी कम होगी, जिससे आर्थिक बोझ भी घटेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरी के साथ तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा युवाओं की रोजगार क्षमता, तकनीकी दक्षता और कौशल विकास को नई दिशा देगी। साथ ही स्थानीय उद्योगों और संस्थानों को प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

प्राचार्य ने जताया आभार

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राम नारायण खरे ने इस उपलब्धि के लिए AICTE, राज्य शासन, छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, जनप्रतिनिधियों, छात्र संगठनों और महाविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर को तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।


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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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