Social Activity BSP
कोरबा (Social Activity BSP)। हिंद मजदूर सभा के केंद्रीय उप महासचिव एडवोकेट आनंद उपाध्याय ने वेदांता पावर प्लांट में लगातार हो रहे औद्योगिक हादसों और मजदूरों की मौत पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण श्रमिकों की जान खतरे में पड़ रही है।
प्रेस को जारी बयान में एडवोकेट आनंद उपाध्याय ने कहा कि वेदांता पावर प्लांट में वर्ष 2017 से अब तक कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें अनेक मजदूरों की जान गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसों के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में बॉयलर पाइप लाइन फटने की घटना में कई मजदूर झुलस गए थे, जबकि अन्य दुर्घटनाओं में भी बड़ी संख्या में श्रमिक प्रभावित हुए। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन द्वारा सुरक्षा संसाधनों और तकनीकी निगरानी को लेकर पर्याप्त सुधार नहीं किए गए।
हिंद मजदूर सभा ने कहा कि वेदांता पावर प्लांट में कार्यरत मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। संगठन ने मांग की है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए तथा हादसों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
एडवोकेट आनंद उपाध्याय ने कहा कि औद्योगिक विकास के नाम पर मजदूरों की सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से वेदांता पावर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा भविष्य में हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं। हिंद मजदूर सभा ने मजदूर हितों की रक्षा और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवाज उठाने की बात कही है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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