Social Activity BSP
मनेंद्रगढ़/एमसीबी (Social Activity BSP)। मनेंद्रगढ़ शहर में वक्फ संपत्ति को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। ग्राम चनवारीडांड स्थित कथित विवादित वक्फ भूमि पर खुदाई एवं निर्माण कार्य शुरू होने के बाद सुन्नी अंजुमन के लोगों ने पुलिस और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मामले को लेकर सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ में लिखित शिकायत सौंपते हुए कानून व्यवस्था प्रभावित होने एवं साम्प्रदायिक तनाव की आशंका जताई गई है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम चनवारीडांड, प.ह.न. 13 स्थित खसरा नंबर 489 रकबा 0.77 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 493 रकबा 1.95 हेक्टेयर वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। उनका दावा है कि संबंधित भूमि मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के राजपत्र दिनांक 25 अगस्त 1989 तथा छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के राजपत्र दिनांक 13 अप्रैल 2023 में क्रमशः “ईदगाह” एवं “कब्रिस्तान” के रूप में अधिसूचित है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अंजुमन इस्लामिया कमेटी जामा मस्जिद मनेंद्रगढ़ के मुतवल्ली राशिद अली द्वारा खसरा नंबर 489 स्थित भूमि पर खुदाई कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया है, जबकि इस भूमि से संबंधित मामला वर्तमान में एसडीएम न्यायालय मनेंद्रगढ़ में विचाराधीन है।
सुन्नी अंजुमन मनेंद्रगढ़ के लोगों का कहना है कि संबंधित भूमि वर्षों से जनाजे की नमाज और कब्रिस्तान के उपयोग से जुड़ी रही है। उनका दावा है कि यह किसी व्यक्ति विशेष की निजी संपत्ति नहीं बल्कि सार्वजनिक वक्फ भूमि है, जिसका उपयोग पूरे मुस्लिम समाज द्वारा किया जाता रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस भूमि को लेकर पूर्व में भी विवाद और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। ऐसे में न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद कथित रूप से खुदाई और निर्माण कार्य किए जाने से शहर में कानून व्यवस्था बिगड़ने एवं साम्प्रदायिक तनाव की आशंका बढ़ सकती है।
सुन्नी अंजुमन के प्रतिनिधियों ने पुलिस-प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण कर विवादित भूमि पर चल रहे खुदाई एवं निर्माण कार्य को रुकवाने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर एमसीबी एवं एसडीएम मनेंद्रगढ़ को भी भेजी गई है। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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