Social Activity BSP
राजस्थान (Social Activity BSP)। राजस्थान से राज्यसभा की आगामी सीटों को लेकर कांग्रेस में मंथन तेज हो गया है। पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, लेकिन इस बार उम्मीदवार चयन में महिला और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने की संभावनाओं ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व केवल राजनीतिक समीकरणों के बजाय सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश देने की रणनीति पर विचार कर रहा है। हाल के वर्षों में केरल, कर्नाटक और अन्य राज्यों में उम्मीदवार चयन के दौरान महिला, दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्गों को प्राथमिकता दिए जाने के बाद राजस्थान में भी इसी तरह का प्रयोग किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में राजस्थान महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में सचिव पद पर कार्यरत रेहाना रियाज का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। माना जा रहा है कि यदि कांग्रेस महिला और अल्पसंख्यक कार्ड खेलती है, तो रेहाना रियाज एक मजबूत दावेदार बन सकती हैं। संगठन में लगभग चार दशक की सक्रिय भूमिका और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष के रूप में अनुभव को उनकी बड़ी ताकत माना जा रहा है।
अल्पसंख्यक और महिला प्रतिनिधित्व की चर्चा के बीच साफिया जुबेर सहित अन्य महिला नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ नेता एम.डी. चौबदार और रफीक मंडेलिया भी राज्यसभा की दौड़ में बताए जा रहे हैं और समर्थक उनके पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उम्मीदवार चयन में अहम भूमिका निभा सकता है। पिछले लोकसभा चुनाव में राजस्थान से किसी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट न दिए जाने के बाद पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। ऐसे में राज्यसभा चुनाव को अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, फिलहाल सभी नाम चर्चाओं और अटकलों तक सीमित हैं। अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान, केंद्रीय नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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