Social Activity BSP
रायगढ़ (Social Activity BSP)। जिले में आर्थिक अपराधों और संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुसौर पुलिस ने जमीन बिक्री के नाम पर 27 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर जमीन बेचने का झांसा दिया था और लंबे समय तक पीड़ित को गुमराह करता रहा।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना पुसौर में ग्राम लिंजिर निवासी 50 वर्षीय इंद्रजीत वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पहचान बचपन से ग्राम बघनपुर निवासी भीचरण पटेल से थी, जो पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत है। आरोपी ने ग्राम कोडातराई स्थित अपनी कथित स्वामित्व वाली भूमि बेचने का प्रस्ताव रखा।
बताया गया कि वर्ष 2022 में दोनों के बीच करीब 35 लाख रुपये में जमीन का सौदा तय हुआ। भरोसे में लेकर आरोपी ने किसान किताब और अन्य दस्तावेज दिखाए, जिसके बाद पीड़ित ने 27 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में आरोपी को दे दिए। सौदे की लिखापढ़ी 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर की गई थी।
तहसील जांच में खुला बड़ा फर्जीवाड़ा
समय बीतने के बावजूद जब जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई तो पीड़ित को संदेह हुआ। तहसील कार्यालय में जानकारी लेने पर पता चला कि संबंधित भूमि आरोपी के नाम पर दर्ज ही नहीं है और न ही किसी प्रकार का राजस्व प्रकरण लंबित है। इसके बाद पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे।
रुपये लौटाने के नाम पर दिए बाउंस चेक
पीड़ित के दबाव बनाने पर आरोपी ने 5 लाख रुपये का एक और 11-11 लाख रुपये के दो चेक दिए, लेकिन बैंक में लगाने पर तीनों चेक बाउंस हो गए। आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा और केवल जनवरी 2025 में 1 लाख रुपये वापस किए। बाकी रकम लौटाने में टालमटोल करता रहा।
शिकायत की जांच के बाद पुसौर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 159/2026 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान भीचरण पटेल (54 वर्ष) निवासी ग्राम बघनपुर, तहसील बरमकेला, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के रूप में हुई है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि भूमि, संपत्ति या किसी भी आर्थिक लेन-देन से पहले दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन अवश्य करें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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