पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ को मिलेगा संगीत नाटक अकादमी का सर्वोच्च सम्मान “अकादमी रत्न”

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बिलासपुर/रायगढ़ (Social Activity BSP)। भारतीय शास्त्रीय नृत्य और रायगढ़ कथक घराने के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। रायगढ़ कथक घराने के वरिष्ठ कथकाचार्य एवं पद्मश्री सम्मानित पंडित रामलाल बरेठ को देश की प्रतिष्ठित संस्था संगीत नाटक अकादमी द्वारा दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान “अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न)” से सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया है। यह सम्मान महामहिम राष्ट्रपति के करकमलों से प्रदान किया जाएगा।

पंडित रामलाल बरेठ रायगढ़ कथक घराने के एकमात्र जीवित दरबारी नर्तक माने जाते हैं। रायगढ़ में जन्मे पंडित बरेठ ने राजा चक्रधर सिंह एवं अपने पिता पंडित कार्तिक राम के संरक्षण और मार्गदर्शन में कथक नृत्य की शिक्षा प्राप्त की। अपनी कठिन साधना और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने देश-विदेश के मंचों पर रायगढ़ कथक घराने को नई पहचान दिलाई।

अपने लंबे कला जीवन में उन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवाएं दीं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में वर्षों तक रीडर पद पर कार्यरत रहने के साथ ही वर्ष 1981 से 2011 तक चक्रधर नृत्य केंद्र में गुरु के रूप में अनेक शिष्यों को प्रशिक्षण दिया। उनके कई शिष्य आज देश-विदेश में रायगढ़ कथक घराने का नाम रोशन कर रहे हैं।

पंडित रामलाल बरेठ ने अपने पुत्र एवं कथक नृत्याचार्य गुरु भूपेंद्र बरेठ को भी कथक कला में दक्ष बनाया। वर्तमान में गुरु भूपेंद्र बरेठ बिलासपुर स्थित कार्तिक कथक नृत्य केंद्र के माध्यम से नई पीढ़ी को कथक नृत्य का प्रशिक्षण दे रहे हैं और रायगढ़ कथक घराने की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

गौरतलब है कि पंडित रामलाल बरेठ को पहले भी मध्यप्रदेश शासन का शिखर सम्मान, छत्तीसगढ़ शासन का चक्रधर सम्मान, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार तथा वर्ष 2024 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाजा जा चुका है। अब “अकादमी रत्न” सम्मान मिलने की घोषणा से पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर रायगढ़ और बिलासपुर में खुशी का माहौल है।


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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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