Social Activity BSP
१४ जून २०२६ (Social Activity BSP)। रायगढ़ में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने के कथित खेल की जांच तेज हो गई है। शिकायत मिलने के बाद रायगढ़ पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की संयुक्त टीम ने एक ट्रेवल्स एजेंसी में दबिश देकर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। मामले में बाहरी राज्यों के लोगों को रायगढ़ का निवासी दर्शाकर लाइसेंस बनवाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लगातार संयुक्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में स्थानीय स्तर पर संचालित बाबा ट्रेवल्स के खिलाफ शिकायत मिली थी कि एजेंसी कथित रूप से ओडिशा और अन्य राज्यों के निवासियों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें रायगढ़ का निवासी दिखाते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का काम कर रही है।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक और यातायात विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस-आरटीओ की संयुक्त टीम ने एजेंसी में दबिश दी। प्रारंभिक जांच में कई आवेदकों के पते समान पाए जाने की जानकारी सामने आई है। साथ ही किरायानामा और शपथ-पत्र के माध्यम से स्थानीय निवास दर्शाकर आवेदन किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि कुछ मामलों में ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया में वास्तविक आवेदक की जगह अन्य व्यक्तियों को शामिल कर परीक्षण दिलाए जाने के बाद लाइसेंस जारी कराए गए हो सकते हैं। फिलहाल टीम करीब 180 लाइसेंसधारियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।
रायगढ़ पुलिस और परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा प्रमाणित होता है, तो संबंधित व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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