Social Activity BSP
रायगढ़ (Social Activity BSP)। रायगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन अंकुश” के तहत ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी विभिन्न सटोरियों को क्रिकेट सट्टा आईडी उपलब्ध कराने के साथ तकनीकी सहायता भी देता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ऐसी विशेष वेबसाइट तैयार कर सटोरियों को उपलब्ध कराता था, जिसमें लाइव क्रिकेट मैच की जानकारी टीवी प्रसारण से करीब 5 सेकेंड पहले मिल जाती थी, जिससे बॉल-टू-बॉल सट्टेबाजी में अनुचित लाभ उठाया जाता था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन अंकुश” के तहत साइबर थाना रायगढ़ को सूचना मिली थी कि न्यू शंकरनगर क्षेत्र में एक युवक अपने घर से कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के लिए आईडी तैयार कर बेच रहा है। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश दी।
पुलिस को देखकर युवक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम आदर्श कुमार केशरी (28 वर्ष), निवासी न्यू शंकरनगर, रायगढ़ बताया। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन और आईडी निर्माण से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह बी.टेक इंजीनियरिंग कर चुका है और दिल्ली की एक आईटी कंपनी में कार्यरत है। अक्टूबर 2025 में उसकी मुलाकात रायपुर और बिहार के कुछ लोगों से हुई, जो नोएडा स्थित आईटी कंपनियों में कार्यरत थे। इनके जरिए वह ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क से जुड़ा और Winbigpro नामक प्लेटफॉर्म के तकनीकी संचालन में शामिल हो गया। इसके बदले उसे 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके साथी क्रिकेट मैचों के प्रसारण में तकनीकी विलंब का फायदा उठाने के लिए ऐसी वेबसाइट विकसित करते थे, जिसमें लाइव मैच की जानकारी सामान्य टीवी प्रसारण से लगभग 5 सेकेंड पहले दिखाई देती थी। इससे सटोरियों को बॉल-टू-बॉल सट्टे में बढ़त मिलती थी। गिरोह रायपुर, भिलाई, बिलासपुर सहित कई शहरों के सटोरियों को आईडी उपलब्ध कराता था और पुलिस से बचने के लिए समय-समय पर वेबसाइट का नाम, यूजर आईडी और पासवर्ड बदल देता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी केवल सट्टा आईडी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं था, बल्कि भुगतान और विड्रॉल संबंधी कार्यों में भी सहयोग करता था। आरोपी का एचपी लैपटॉप, जिसका उपयोग वेबसाइट डेवलपमेंट और सट्टा संचालन में किया जाता था, दिल्ली स्थित ठिकाने पर छिपाकर रखा गया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सैमसंग S23 और एक वनप्लस मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4 एवं 7 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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